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देश-विदेश

देश-विदेश (125)

श्रीहरिकोटा। भारत ने एक बार फिर कई उपग्रहों के एक साथ प्रक्षेपण मिशन को अंजाम देते हुए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट, एनआईयूएसएटी और 14 देशों के 29 विदेशी उपग्रहों को शुक्रवार को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) ने काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह तथा 30 अन्य छोटे उपग्रहों को ले गए ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी-38 का सफल प्रक्षेपण किया। पीएसएलवी के साथ भेजे गए उपग्रहों में से मुख्य उपग्रह काटरेसैट-2 श्रृंखला का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसका वजन 712 किलोग्राम है। यह काटरेसैट श्रृंखला-2 के पूर्व के अन्य उपग्रहों के समान ही है और यह पांच साल तक काम करेगा।
पीएसएलवी के साथ भेजे गए 30 छोटे उपग्रहों का कुल वजन 243 किलोग्राम है। इनमें 29 विदेशी उपग्रह 14 विभिन्न देशों- ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया और अमेरिका के हैं व एक उपग्रह भारत का है। पूरे लॉन्च मिशन में करीब 23 मिनट का समय लगा।

काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह में उन्नत श्रेणी के कैमरे लगे हैं, जो शहरी व ग्रामीण नियोजन, तटीय भूमि के उपयोग, सड़क नेटवर्क की निगरानी आदि के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएंगे।

पीएसएलवी के साथ भेजे गए 30 छोटे उपग्रहों में भारत का एक उपग्रहण एनआईयूएसएटी भी है। 15 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह तमिलनाडु की नूरल इस्लाम यूनिवर्सिटी का है। यह उपग्रह कृषि फसल की निगरानी और आपदा प्रबंधन सहायता अनुप्रयोगों के लिए मल्टी-स्पेक्ट्रल तस्वीरें प्रदान करेगा।
सभी 31 उपग्रहों का कुल वजन 955 किलोग्राम है। 44.4 मीटर लंबे और 320 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने सुबह 9.29 बजे इन उपग्रहों के साथ उड़ान भरी। पीएसएलवी रॉकेट चार स्तरीय इंजन वाला है, जो ठोस व तरल दोनों वैकल्पिक ईंधनों से संचालित होता है। करीब 16 मिनट की उड़ान के बाद पीएसएलवी ने 510 किलोमीटर की ऊंचाई पर काटरेसैट को अलग कर दिया। इसके बाद रॉकेट से एनआईयूएसएटी और अन्य 29 विदेशी उपग्रह अलग हुए।

लंदन: कनाडा की स्पेशल फोर्स के एक स्नाइपर ने 3.5 किलोमीटर (11,319 फीट) की दूरी से सटीक निशाना लगाकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। वैश्विक इतिहास में अभी तक किसी ने भी ढाई किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सटीक निशाना नहीं लगाया है।
रिपो‌र्ट्स के अनुसार, इराक में तैनात कनाडा की ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 के एक स्नाइपर ने पिछले महीने इराक में एक ऊंची इमारत से मैकमिलन टीएसी-50 राइफल का इस्तेमाल करते हुए इस्लामिक स्टेट के एक आतंकी को मार गिराया। वह आईएस आतंकी इराकी सेना पर हमला कर रहा था। 3,450 मीटर की दूरी तय कर निशाना भेदने में गोली को 10 सेकंड लगे। इस लक्ष्य की पुष्टि वीडियो कैमरा व अन्य डाटा के जरिए की गई।
इससे पहले सबसे ज्यादा दूरी से लक्ष्य भेदने का विश्व रिकॉर्ड ब्रिटिश स्नाइपर क्रैग हैरिसन के नाम था, जिन्होंने एक तालिबानी आतंकी को 2009 में 2,475 मीटर (8120 फीट) की दूरी से मार गिराया था। क्रेन ने 338 लापुआ मैग्नम राइफल का इस्तेमाल किया था। उनसे पहले कनाडा के रॉब फर्लाग ने 2002 में 2,430 मीटर (7972 फीट) से निशाना साधा था, तब उन्होंने ऑपरेशन एनाकोंडा के दौरान एक अफगानी आतंकी को मार गिराया था।
ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 का सदस्य कनाडाई स्नाइपर ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 का गठन मुख्य रूस से आतंकवादरोधी, स्नाइपर ऑपरेशंस और बंधकों को छु़ड़ाने के लिए किया गया है। इस फोर्स की अधिकतर जानकारी छुपाकर रखी जाती है। सरकार भी इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोलती। सुरक्षा की दृष्टि से स्नाइपर और उसके पार्टनर या लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है। एक स्नाइपर के लिए 3,450 मीटर की दूरी से आतंकी को निशाना बनाना बेहद मुश्किल है। इसके लिए शानदार नजर, गणितीय योग्यता, हथियारों की सटीक जानकारी व बेहतरीन ट्रेनिंग की जरूरत होती है।

लखनऊ,  (हि.स.)। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योगाभ्यास के दौरान मिसाल पेश की। कार्यक्रम के शुरू होने से पहले तेज बारिश के कारण मैदान में जहां पानी भर गया था और लोग पूरी तरह से भीग गए थे। ऐसे में उनका जोश बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने मंच की जगह लोगों के बीच जाकर मैदान में योग किया। योग की ड्रेस पहने प्रधानमंत्री मोदी को अपने बेहद करीब योग करते देख लोगों का उत्साह और भी कई गुना बढ़ गया।  पीएम मोदी की तरह राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य, केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाईक, प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धर्म सिंह सैनी ने भी आम जनता के बीच जाकर योगाभ्यास किया। इनमें मुख्यमंत्री योगी और केन्द्रीय मंत्री श्रीपद को छोड़कर सभी योग की ड्रेस में थे। करीब 20 मिनट योग करने के बाद प्रधानमंत्री आयोजन स्थल से रवाना हो गए। 

बीजिंग: चीन ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर को आंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की राह में अभी भी कुछ समस्याएं हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुंग ने यहां कहा, "वर्तमान में, कुछ सदस्य अभी भी मुद्दे से असहमत हैं।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रयास में रोड़ा अटकाने के लिए चीन पहले भी वीटो का इस्तेमाल कर चुका है। उसने तर्क दिया है कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ पुख्ता सबूतों की कमी है। मसूद अजहर को पठानकोट आतंकवादी हमले का मुख्य साजिशकर्ता ठहराया गया है। (अमेरिका ने कहा, छात्र की मौत उत्तर कोरिया के निर्दयी शासन की याद बन जाएगी)

गेंग ने कहा, "हम अपने रुख को लेकर कई बार बातचीत कर चुके हैं। हमारा मानना है कि निष्पक्षता, पेशवराना तथा न्याय बरकरार रहेगा।" उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर चीन प्रासंगिक पक्षों के साथ समन्वय तथा संपर्क बनाए रखने के लिए तैयार है।" बीजिंग की प्रतिक्रिया भारत तथा चीन द्वारा बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताने तथा आतंकवाद के खिलाफ मुकाबले के लिए ब्रिक्स देशों के साथ सर्वसम्मति बनाने के आह्वान के एक दिन बाद आई है।

सोमवार को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि चीन आतंकवाद से पीड़ित है और भारत की चिंता को समझता है। भारत के विदेश राज्य मंत्री वी.के.सिंह ने कहा था कि भारत तथा चीन इस बात से सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।

नई दिल्ली:  1993 में हुए बम धमाका मामलों में मुंबई की टाडा अदालत ने गैंगस्टर अबू सलेम को दोषी करार दिया है। सलेम को साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में दोषी करार दिया गया है।
अदालत ने कुल सात आरोपियों में से 6 को दोषी करार दिया, जबकि अब्दुल कय्यूम को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, ताहिर मर्चेंट, फिरोज खान, करीमुल्ला खान और रियाज सिद्दीकी को दोषी करार दिया है।
सभी आरोपियों को कोर्ट ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप से बरी कर दिया है। हालांकि अदालत ने सलेम को उन सभी धाराओं से मुक्त कर दिया, जो इस मामले की शुरुआत में उनके खिलाफ लगाया गया था।
अदालत ने मामले के एक अन्य आरोपी अब्दुल कय्यूम को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने उन्हें निजी बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने फिरोज खान को साजिश रचने और हत्या के मामले में दोषी करार दिया। जबकि अन्य आरोपी मुस्तफा दोसा को साजिश रचने, हत्या और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में दोषी करार दिया।
मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी, जिसमें सभी दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
मुस्तफा दोसा को साल 2004 में यूएई से गिरफ्तार किया गया था, जबकि अबू सलेम को साल 2005 में उनकी गर्लफ्रेंड मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कराया गया था। बाकि अन्य पांचों आरोपियों को दुबई से भारत लाया गया था।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का फॉर्मूला तैयार कर लिया है. मीडीया में चल रही खबरों के मुताबिक यूपी सरकार साढ़े सोलह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी और करीब बीस हजार करोड़ अलग-अलग विभागों का बजट काटकर जुटाया जाएगा. जल्द ही इसका एलान भी हो जाएगा.

योगी सरकार को किसानों की कर्जमाफी के लिए करीब 36 हजार करोड़ रुपए की जरुरत है. इसलिए यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि सरकार साढे 16 हज़ार करोड़ रुपए कर्ज लेगी और करीब बीस हज़ार करोड़ का इंतजाम अलग-अलग विभागों के बजट में कटौती करके किया जाएगा.

योगी सरकार ने लोक निर्माण विभाग को 6100 करोड़, औद्योगिक विकास मंत्रालय को 35 करोड़, आवास एवं शहरी नियोजन को एक हज़ार करोड़, नगरीय रोजगार विभाग को एक हज़ार करोड़, ग्राम्य विकास विभाग को तीन हज़ार करोड़ और ऊर्जा मंत्रालय को 1980 अस्सी करोड़ कर्ज लेने के आदेश दिए गए हैं.

यूपी चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों के कर्ज माफ़ करने का वादा किया था. योगी सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले का एलान भी कर दिया था. सरकार ने किसानों का एक लाख का कर्ज माफ किया था.

मोदी से मिले सीएम योगी

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी. सीएम योगी सुबह करीब साढ़े 10 बजे पीएम से मिलने पहुंचे थे. अपने दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आए सीएम योगी आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मिलेंगे. योगी ने कल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की थी.

राहुल गांधी ने बोला हमला

देश में कर्जमाफी को लेकर किसानों के आंदोलन के बीच कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोला है. राहुल गांधी ने नेशनल हेरल्ड अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है, बेरोजगारी देश के सामने बड़ी चुनौती है. आज पीएम मोदी के राज में पांच साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है.

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए नीट 2017 के नतीजे घोषित करने को लेकर लगी रोक हटा दी।बोर्ड को नतीजों की घोषणा करने और काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देते हुए न्यायाधीश प्रफुल्ल सी. पंत और न्यायाधीश दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने देशभर के सभी उच्च न्यायालयों को नीट 2017 से संबंधित किसी भी याचिका पर सुनवाई नहीं करने को कहा।मद्रास उच्च न्यायालय के 24 मई के आदेश पर रोक लगाते हुए न्यायाधीश पंत ने कहा कि उच्च न्यायालय को इसकी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की याचिका पर सभी संबंधित पक्षों पर नोटिस जारी किया है साथ ही कहा है कि कोई भी हाईकोर्ट इस मसले पर याचिका की सुनवाई न करे। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि वह रिजल्‍ट जारी करे और काउंसलिंग शुरू करे। इसके बाद बताया जा रहा है कि बोर्ड 10 दिन के अंदर रिजल्‍ट जारी कर सकता है।

नीट का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है। इस परीक्षा के द्वारा उन कॉलेजों में प्रवेश मिलता है, जो मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया के द्वारा संचालित किया जाता है।

नीट रिजल्‍ट पर रोक का मामला करीब 12 लाख अभ्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है। करीब साढे दस लाख छात्रों ने हिन्दी या अंग्रेजी भाषा में परीक्षा दी थी, जबकि करीब सवा से डेढ लाख छात्रों आठ क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा में बैठे थे।

नासा ने रिकॉर्ड 18,000 से ज्यादा आवेदकों में से एक भारतीय-अमेरिकी सहित 12 नए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया है, जिन्हें पृथ्वी की कक्षा और सुदूर अंतरिक्ष में अभियानों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इस समूह में सात पुरुष और पांच महिलाएं हैं. नासा का यह पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा चयनित समूह है. इन लोगों को चयन रिकॉर्ड 18,300 आवेदकों में किया गया है. नासा को किसी खुले अंतरिक्ष यात्री निमंत्रण के दौरान पहले कभी इतने आवेदन नहीं मिले. अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुने जाने के लिए उम्मीदवारों को कुछ शारीरिक अनिवार्यताओं के साथ ही शिक्षा और अनुभव संबंधी मापदंडों को पूरा करना था जैसे कि उनके पास विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) में स्नातक की डिग्री या जेट विमान को उड़ाने का 1,000 घंटों का अनुभव होना चाहिए.
चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों को दो साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण खत्म होने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में मिशन के दौरान अनुसंधान का काम सौंपा जा सकता है. अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने नासा अधिकारियों के साथ मिलकर चयनित अंतरिक्ष यात्रियों की घोषणा ह्यूस्टन में की. पेंस ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतरिक्ष में नासा के मिशन के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं और अमेरिका फिर से अंतरिक्ष में नेतृत्व करेगा.

भारत का सबसे ताकतवर और अब-तक का सबसे भारी उपग्रह जीएसएलवी (GSLV) मार्क-3 को आज शाम 5.28 बदजे श्रीहरिकोटा से 120 किमी दूर दूसरे लॉन्च पैड सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। आपको बता दें, यह रॉकेट संचार जीसैट-19 को लेकर जाएगा।

इसकी खासियत है कि GSLV मार्क-3 चार हजार किलो तक के उपग्रह ले जा सकता है।

इसरो अध्यक्ष एस.एस किरण कुमार ने बताया, “ये मिशन बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये अब-तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है, जिसे देश से छोड़ा जाना है। अब-तक 2300 किलोग्राम से ज्यादा वजन के संचार उपग्रहों के लिए इसरो को विदेशी लॉन्चरों पर निर्भर रहना पड़ता था। GSLV मार्क-3 4000 किलो तक के पेलोड को उठाकर जीटीओ और 10,000 किलो तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में सक्षम है।”

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