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देश-विदेश

देश-विदेश (138)

नई दिल्ली.  आधार कार्ड को लेकर अच्छी खबर है. सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है, जिसके तहत आधार कार्ड बनाने से लेकर उसमें किसी भी तरह का अपडेट करने संबंधी काम अब बैंकों में हो सकेंगे. सरकारी बैंकों के साथ ही प्रायवेट बैंकों में यह सुविधा होगी. ये बैंक अपने ग्राहकों को ही आधार संबंधी सेवाएं प्रदान करेंगे.

मालूम हो, सरकार ने बैंक खाते से आधार लिंक करने के लिए 31 दिसंबर तक का वक्त दिया है. इसके बाद जिन खातों से आधार लिंक नहीं है, वे बंद कर दिए जाएंगे.

अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश बैंकों ने आधार से खाते को लिंक करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग एेसे भी हैं, जिनके आधार अपडेट नहीं हैं. किसी को पता बदलवाना है तो किसी को फोटो अपडेट करवाना है. इसे देखते हुए नियम बनाया जा रहा है कि सभी बैंकों को अपने परिसर में आधार कार्ड बनवाने या अपडेट करवाना की सुविधा देना होगी.

इसके बाद खाताधारकों के आधार संबंधी सारे काम बैंक में ही हो जाएंगे, उन्हें आधार सेंटर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. यदि किसी खाताधारक के पास आधार है, लेकिन उसकी डिटेल्स बैंक की डिटेल्स के मेल नहीं खा रही है, तो भी बैंक को ही आधार अपडेट करना होगा.

यह हो सकती है व्यवस्था

खबरों के मुताबिक, UIDAI इस बारे में जल्द आदेश जारी करेगा. माना जा रहा है कि एक ही बैंक की आसपास की पांच-छह शाखाओं में से किसी एक में यह सुविधा दी जाएगी, क्योंकि बैंक के लिए हर शाखा में यह व्यवस्था करना मुश्किल होगा. ग्राहकों को इस बारे में सूचना देकर संबंधित ब्रांच पर भेजा जा सकेगा.

हैदराबाद : सुनने में अजीब लगे लेकिन हैदराबाद की रहने वाली तीन साल की एक बच्ची खून के आंसू रोती है. बीमारी के चलते माता-पिता और डॉक्टर बहुत डरे हुए हैं. अब परिवार ने पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है. इसके बारे में डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के बाद खून का बहना कम हो गया है, लेकिन इसके स्थायी इलाज के बारे में कुछ कहना संभव नहीं है.
3 साल की बच्ची के पिता ने बीमारी के इलाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के सीएम केसी राव से मदद की गुहार लगाई है. फिलहाल बच्ची का इलाज चल रहा है. बच्ची का इलाज कर रही डॉक्टर सिरिसा बताती हैं कि बच्ची को हिमटिड्रॉसिस की बीमारी है, फिलहाल हम ट्रीटमेंट कर रहे हैं. बीमारी की वजह से पसीने और रोने से भी खून निकलता है.
बच्ची के माता-पिता अब तक उसके इलाज पर 1.5 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं. लेकिन उसकी बीमारी के सही कारणों तक पहुंचने के लिए और जांच आदि की जरूरत है. बच्ची के पिता और मां एक से दूसरे अस्पताल में लेकर घूम रहे हैं. लेकिन उन्हें समस्या का हल अब तक नहीं मिला है.

दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक से आज यह जानना चाहा कि क्या 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बदलने के लिए एक अवसर दिया जा सकता है? मुख्य न्यायाधीश जे एस केहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा कि अपना नोट न बदल पाने के संदर्भ में उचित कारण देने वालों को क्या एक और मौका दिया जा सकता है? न्यायालय ने इस बाबत दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश देते हुए कहा, “आपने (केंद्र ने) ऐसे लोगों को एक मौका उपलब्ध कराने का वादा किया था। आप अपनी जुबान से पीछे नहीं हट सकते।”


केंद्र सरकार ने इस बाबत सुनवाई की अगली तारीख 18 जुलाई तक जवाबी हलफनामा दायर करने की बात कहीं। न्यायमूर्ति केहर ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह साबित कर देता है कि उसे 31 दिसम्बर तक अपने पैसे बदलने में वास्तविक समस्या थी, तो उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आप (केंद्र) उचित तरीके से की गयी किसी व्यक्ति की कमाई को यों ही बेकार नहीं जाने दे सकते।” इस पर सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार अलग-अलग मामलों के संदर्भ में विचार करने को तैयार है, लेकिन न्यायालय को हर किसी को नोट बदलने का मौका उपलब्ध कराने के लिए निर्देश नहीं देना चाहिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष आठ नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा की थी और लोगों को 31 दिसम्बर तक नोट बदलने का मौका दिया था।

 

 

नई दिल्ली/बीजिंग। सिक्किम में चीनी सेना के जवानों द्वारा भारतीय सीमा में प्रवेश करने और भारतीय सेना के दो बंकरों को ध्वस्त किए जाने की खबरों के बीच भारत और चीन की सेनाओं के जवानों के बीच सीमा पर तल्ख आमना-सामना हुआ।
भारतीय सेना ने जहां घटना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, चीन की सेना ने भारतीय सेना द्वारा ‘उकसाए’ जाने का कड़ा विरोध किया है और भारतीय सेना पर चीन की सीमा में प्रवेश करने और सड़क निर्माण को बाधित करने का आरोप लगाया है।
प्राप्त सूचना के अनुसार चीनी सेना के जवान सिक्किम-भूटान-तिब्बत के बीच सीमा के पास डोका ला क्षेत्र के लालटेन में भारतीय सीमा में घुस आए और भारतीय सेना के दो बंकर ध्वस्त कर दिए।
भारतीय सेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारत और चीन की के जवान आमने-सामने हैं और उनमें तल्ख प्रतिक्रियाएं होती दिख रही हैं। हालांकि यह वीडियो कब का है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

 

 

श्रीहरिकोटा। भारत ने एक बार फिर कई उपग्रहों के एक साथ प्रक्षेपण मिशन को अंजाम देते हुए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट, एनआईयूएसएटी और 14 देशों के 29 विदेशी उपग्रहों को शुक्रवार को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) ने काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह तथा 30 अन्य छोटे उपग्रहों को ले गए ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी-38 का सफल प्रक्षेपण किया। पीएसएलवी के साथ भेजे गए उपग्रहों में से मुख्य उपग्रह काटरेसैट-2 श्रृंखला का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसका वजन 712 किलोग्राम है। यह काटरेसैट श्रृंखला-2 के पूर्व के अन्य उपग्रहों के समान ही है और यह पांच साल तक काम करेगा।
पीएसएलवी के साथ भेजे गए 30 छोटे उपग्रहों का कुल वजन 243 किलोग्राम है। इनमें 29 विदेशी उपग्रह 14 विभिन्न देशों- ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया और अमेरिका के हैं व एक उपग्रह भारत का है। पूरे लॉन्च मिशन में करीब 23 मिनट का समय लगा।

काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह में उन्नत श्रेणी के कैमरे लगे हैं, जो शहरी व ग्रामीण नियोजन, तटीय भूमि के उपयोग, सड़क नेटवर्क की निगरानी आदि के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएंगे।

पीएसएलवी के साथ भेजे गए 30 छोटे उपग्रहों में भारत का एक उपग्रहण एनआईयूएसएटी भी है। 15 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह तमिलनाडु की नूरल इस्लाम यूनिवर्सिटी का है। यह उपग्रह कृषि फसल की निगरानी और आपदा प्रबंधन सहायता अनुप्रयोगों के लिए मल्टी-स्पेक्ट्रल तस्वीरें प्रदान करेगा।
सभी 31 उपग्रहों का कुल वजन 955 किलोग्राम है। 44.4 मीटर लंबे और 320 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने सुबह 9.29 बजे इन उपग्रहों के साथ उड़ान भरी। पीएसएलवी रॉकेट चार स्तरीय इंजन वाला है, जो ठोस व तरल दोनों वैकल्पिक ईंधनों से संचालित होता है। करीब 16 मिनट की उड़ान के बाद पीएसएलवी ने 510 किलोमीटर की ऊंचाई पर काटरेसैट को अलग कर दिया। इसके बाद रॉकेट से एनआईयूएसएटी और अन्य 29 विदेशी उपग्रह अलग हुए।

लंदन: कनाडा की स्पेशल फोर्स के एक स्नाइपर ने 3.5 किलोमीटर (11,319 फीट) की दूरी से सटीक निशाना लगाकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। वैश्विक इतिहास में अभी तक किसी ने भी ढाई किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सटीक निशाना नहीं लगाया है।
रिपो‌र्ट्स के अनुसार, इराक में तैनात कनाडा की ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 के एक स्नाइपर ने पिछले महीने इराक में एक ऊंची इमारत से मैकमिलन टीएसी-50 राइफल का इस्तेमाल करते हुए इस्लामिक स्टेट के एक आतंकी को मार गिराया। वह आईएस आतंकी इराकी सेना पर हमला कर रहा था। 3,450 मीटर की दूरी तय कर निशाना भेदने में गोली को 10 सेकंड लगे। इस लक्ष्य की पुष्टि वीडियो कैमरा व अन्य डाटा के जरिए की गई।
इससे पहले सबसे ज्यादा दूरी से लक्ष्य भेदने का विश्व रिकॉर्ड ब्रिटिश स्नाइपर क्रैग हैरिसन के नाम था, जिन्होंने एक तालिबानी आतंकी को 2009 में 2,475 मीटर (8120 फीट) की दूरी से मार गिराया था। क्रेन ने 338 लापुआ मैग्नम राइफल का इस्तेमाल किया था। उनसे पहले कनाडा के रॉब फर्लाग ने 2002 में 2,430 मीटर (7972 फीट) से निशाना साधा था, तब उन्होंने ऑपरेशन एनाकोंडा के दौरान एक अफगानी आतंकी को मार गिराया था।
ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 का सदस्य कनाडाई स्नाइपर ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 का गठन मुख्य रूस से आतंकवादरोधी, स्नाइपर ऑपरेशंस और बंधकों को छु़ड़ाने के लिए किया गया है। इस फोर्स की अधिकतर जानकारी छुपाकर रखी जाती है। सरकार भी इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोलती। सुरक्षा की दृष्टि से स्नाइपर और उसके पार्टनर या लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है। एक स्नाइपर के लिए 3,450 मीटर की दूरी से आतंकी को निशाना बनाना बेहद मुश्किल है। इसके लिए शानदार नजर, गणितीय योग्यता, हथियारों की सटीक जानकारी व बेहतरीन ट्रेनिंग की जरूरत होती है।

लखनऊ,  (हि.स.)। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योगाभ्यास के दौरान मिसाल पेश की। कार्यक्रम के शुरू होने से पहले तेज बारिश के कारण मैदान में जहां पानी भर गया था और लोग पूरी तरह से भीग गए थे। ऐसे में उनका जोश बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने मंच की जगह लोगों के बीच जाकर मैदान में योग किया। योग की ड्रेस पहने प्रधानमंत्री मोदी को अपने बेहद करीब योग करते देख लोगों का उत्साह और भी कई गुना बढ़ गया।  पीएम मोदी की तरह राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य, केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाईक, प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धर्म सिंह सैनी ने भी आम जनता के बीच जाकर योगाभ्यास किया। इनमें मुख्यमंत्री योगी और केन्द्रीय मंत्री श्रीपद को छोड़कर सभी योग की ड्रेस में थे। करीब 20 मिनट योग करने के बाद प्रधानमंत्री आयोजन स्थल से रवाना हो गए। 

बीजिंग: चीन ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर को आंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की राह में अभी भी कुछ समस्याएं हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुंग ने यहां कहा, "वर्तमान में, कुछ सदस्य अभी भी मुद्दे से असहमत हैं।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रयास में रोड़ा अटकाने के लिए चीन पहले भी वीटो का इस्तेमाल कर चुका है। उसने तर्क दिया है कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ पुख्ता सबूतों की कमी है। मसूद अजहर को पठानकोट आतंकवादी हमले का मुख्य साजिशकर्ता ठहराया गया है। (अमेरिका ने कहा, छात्र की मौत उत्तर कोरिया के निर्दयी शासन की याद बन जाएगी)

गेंग ने कहा, "हम अपने रुख को लेकर कई बार बातचीत कर चुके हैं। हमारा मानना है कि निष्पक्षता, पेशवराना तथा न्याय बरकरार रहेगा।" उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर चीन प्रासंगिक पक्षों के साथ समन्वय तथा संपर्क बनाए रखने के लिए तैयार है।" बीजिंग की प्रतिक्रिया भारत तथा चीन द्वारा बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताने तथा आतंकवाद के खिलाफ मुकाबले के लिए ब्रिक्स देशों के साथ सर्वसम्मति बनाने के आह्वान के एक दिन बाद आई है।

सोमवार को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि चीन आतंकवाद से पीड़ित है और भारत की चिंता को समझता है। भारत के विदेश राज्य मंत्री वी.के.सिंह ने कहा था कि भारत तथा चीन इस बात से सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।

नई दिल्ली:  1993 में हुए बम धमाका मामलों में मुंबई की टाडा अदालत ने गैंगस्टर अबू सलेम को दोषी करार दिया है। सलेम को साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में दोषी करार दिया गया है।
अदालत ने कुल सात आरोपियों में से 6 को दोषी करार दिया, जबकि अब्दुल कय्यूम को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, ताहिर मर्चेंट, फिरोज खान, करीमुल्ला खान और रियाज सिद्दीकी को दोषी करार दिया है।
सभी आरोपियों को कोर्ट ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप से बरी कर दिया है। हालांकि अदालत ने सलेम को उन सभी धाराओं से मुक्त कर दिया, जो इस मामले की शुरुआत में उनके खिलाफ लगाया गया था।
अदालत ने मामले के एक अन्य आरोपी अब्दुल कय्यूम को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने उन्हें निजी बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने फिरोज खान को साजिश रचने और हत्या के मामले में दोषी करार दिया। जबकि अन्य आरोपी मुस्तफा दोसा को साजिश रचने, हत्या और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में दोषी करार दिया।
मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी, जिसमें सभी दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
मुस्तफा दोसा को साल 2004 में यूएई से गिरफ्तार किया गया था, जबकि अबू सलेम को साल 2005 में उनकी गर्लफ्रेंड मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कराया गया था। बाकि अन्य पांचों आरोपियों को दुबई से भारत लाया गया था।

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