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राजनीति

राजनीति (104)

नई दिल्ली। दिल्ली केे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से ईवीएम में कथित गडबडी का मुद्दा उठाया है। केजरीवाल ने आज प्रेस कांफ्रेस कर ईवीएम में गडबडी को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव आयोग को धृतराष्ट्र और बीजेपी को दुर्योधन बताया है। केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग किसी भी कीमत पर बीजेपी को जीताना चाहता है।

केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम में लगातार गडबडी के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग इसकी जांच ना करवा कर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। आपको बता दे कि इससे पहले भी अरविन्द केजरीवाल ईवीएम में गडबडी का मामला उठा चुका है लेकिन चुनाव आयोग ईवीएम में गडबडी की संभावना से इंकार कर रहा है।

केजरीवाल ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा - "चुनाव आयोग धृतराष्ट्र बन गया है जो अपने बेटे दुर्योधन को साम दाम दंड भेद कर के सत्ता तक पहुंचाना चाहता है। केजरीवाल ने कहा कि कल पूरे देश में उपचुनाव हुए। उन्होनें कहा कि राजस्थान के धौलपुर में 18 मशीनों में गडबडी पाई गई। ईवीएम का सॉफ्टवेयर, कोड बदला गया है ईवीएम की प्रोग्रामिंग में छेडछाड हुई है।

नई दिल्ली : गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी नहीं होने दी जाएगी। सरकार इन बातों का समर्थन नहीं करती है। यदि ऐसा होता है तो सरकार कार्रवाई करती है। यह बात केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राज्यसभा में कही। दरअसल वे कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दे रहे थे। दिग्विजय सिंह ने राजस्थान के अलवर के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा था कि यहां पर गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हो रही है।

गौरतलब है कि राजस्थान के अलवर में गौरक्षा के नाम पर एक व्यक्ति को पीट दिया गया था। यहाँ कुछ लोगों ने इन लोगों ने 15 संदिग्ध गौ तस्करों के साथ मारपीट की। इन लोगों को इतना पीटा गया कि उनमे से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसे लेकर दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में जमकर विरोध किया। ऐसे में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वे इस तरह का किसी भी घटना का समर्थन नहीं करते हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की रिपोर्ट आने तक अलवर मसले पर चर्चा नहीं की जाएगी। इन लोगों के पास गौ परिवहन के दस्तावेज प्राप्त होने की बात भी सामने आई थी। मगर इस मामले में विरोधियों ने सरकार का विरोध किया।

उधर लोकसभा में शिवसेना के सांसदों ने हंगामा किया। दरअसल शिवसेना सांसदों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार सांसदों की परेशानी की ओर ध्यान नहीं दे रही है। शिवसेना सांसदों ने इस मामले में हंगामा किया और एयरलाईन स्टाफ के व्यवहार और सांसद रवींद्र गायकवाड़ा को लेकर चर्चा की। गौरतलब है कि सांसद रवींद्र गायकवाड़ आज सदन में मौजूद रहे।

शिवसेना सांसद पर एयर इंडिया स्टाफ को चप्पल मारने का आरोप है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने लोकसभा को अवगत कराया है। पुलिस ने लोकसभा को एफआईआर से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक संसद सत्र के बाद सांसद रवींद्र गायकवाड़ को क्राइम ब्रांच जांच के लिए नोटिस भेज सकती है।

दूसरी ओर माना जा रहा है कि राज्यसभा में भोजनावकाश के बाद भी हंगामा हो सकता है दरअसल सांसदों द्वारा जीएसटी बिल पर चर्चा की जाएगी, जिसे लेकर राज्यसभा में हंगामा होने के आसार हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई मुद्दों पर अपनी मुहर लगाई। जिसमे सबसे बड़ा फैसला रहा वो किसानों की कर्ज माफी का रहा। इस फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया तो समाजवादी पार्टी ने इसकी आलोचना की है।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए इसे किसानों के साथ धोखा बताया। योगी सरकार द्वारा जैसे ही किसानों के कर्जमाफी के निर्णय की घोषणा की गई अखिलेश यादव की तरफ से ट्वीट किया गया।

अखिलेश ने ट्वीट किया कि वादा पूर्ण कर्ज माफी का था, किसी सीमा का नहीं। एक लाख की सीमा से करोड़ों किसान ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ये गरीब किसानों के साथ धोखा है।

वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार का किसानों की कर्ज माफी का फैसला आंशिक राहत है, लेकिन यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस व्यापक संकट को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाना चाहिए।

राहुल ने कहा कि केंद्र को राज्यों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए और संकट का सामना कर रहे देशभर के किसानों के साथ राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, यह उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए आंशिक राहत है लेकिन यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। संकट में फंसे किसानों के लिए कर्ज माफी का कांग्रेस ने हमेशा से समर्थन किया है।

राहुल ने ट्वीट किया, मुझे खुशी है कि भाजपा को कारण देखने के लिए मजबूर किया जा सका। लेकिन देशभर के पीड़ित किसानों के साथ हमें राजनीति नहीं करनी चाहिए।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में भागीदार शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के 36,359 करोड़ रूपए माफ करने पर बधाई दी।

सीएम  योगी ने 9 अहम फैसलो पर लगाई मुहर 

1 - अगर किसी लघु या सीमांत किसान ने एक लाख तक का कर्ज लिया है तो उसका कर्ज पूरी तरफ माफ हो जाएगा।

2 - पूरे प्रदेश में 5000 गेंहू खरीद के केंद्र सुचारु रूप से चलें इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री जी करेंगे।

3 - एमएसपी के साथ ढुलाई का खर्च भी।

4 - एंटी रोमियो दल से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई।

5 - किसानों को राहत देगी सरकार।

6 - उत्तर प्रदेश के अंदर बड़ी तादात में निवेश आए, इसके लिए नई उद्योग नीति लाने का फैसला किया गया है।

7 - अवैध खनन के खिलाफ भी कार्रवाई

8 - अवैध बूचड़खानों को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के दिशा निर्देशों को फॉलो करेगी।

9 - गाजीपुर में स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स।

 

 

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने मानहानि का केस कर रखा है. इस मामले में अब केजरीवाल चाहते हैं कि इस मुकदमे में 3.86 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान दिल्‍ली सरकार वहन करे . अब इस मसले पर बिहार बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्‍होंने आप नेता पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है

 ''कमाल का आदमी है ये तो. दिल्‍ली में, दिल्‍ली की जनता के पैसे पर इतनी मौज तो शायद मुगलों ने भी नहीं की होगी. सब मिलके केजरीवाल को प्रणाम कीजिए.''


इस मामले पर बीजेपी ने भी सीएम अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथ लिया है. बीजेपी के नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पहले कहते थे कि गाड़ी नहीं लेंगे, बंगला नहीं लेंगे, आप जनता पर वकील का बोझ डालकर उसे लूट रहे हैं. ये केस सीएम या सरकार पर नहीं है. ये निजी केस है, फीस भी उन्हें देनी चाहिए. जनता के पैसे की लूट कतई मंजूर नहीं है.

इस पर कांग्रेस ने भी आप नेता को घेरा है. कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि लगता है अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी जनता के फंड और प्राइवेट फंड में कुछ अंतर नहीं समझते हैं. इस केस में दिल्ली की जनता का पैसा क्यों लगना चाहिए. ये करप्शन नहीं है कि अपने पर्सनल काम के लिए दिल्ली की जनता का पैसा प्रयोग करने की कह रहे हैं.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के मुद्दे को आगे बढ़ाना शुरु कर दिया है। आरएसएस के मुखपत्र को दिए अपने साक्षात्कार में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा बातचीत से सुलझना चाहिए। पांचजन्य मैगजीन ने अपने लेख में लिखा है कि योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट की सलाह का स्वागत किया है।
सरकार मदद के लिए तैयार
योगी आदित्यनाथ ने अपने साक्षात्कार में कहा कि "मैं सुप्रीम कोर्ट के सुझाव का स्वागत करता हूं, यह मामला मैत्रीपूर्ण माहौल में बातचीत के जरिए सुलझना चाहिए, इसके लिए अगर किसी भी चरण में सरकार के सहयोग की जरूरत होगी तो हम इसके लिए तैयार है।" वहीं दूसरी तरफ अपने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान के बारे में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो भी कार्रवाई की गई वह हाई कोर्ट के निर्देश पर की गई है।
कोर्ट के फैसले के अनुसार हो रही कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल 2015 व हाई कोर्ट ने अपने फैसले में अवैध बूचड़खानों की बात कही थी और राज्य सरकार को इसके लिए काम करने का निर्देश दिया था, हमने कोर्ट के उन्ही दिशानिर्देशों का पालन करते हुए काम करना शुरु किया है। आप वैध और अवैध बूचड़खानों के बीच भ्रम नहीं फैला सकते हैं, सरकार का निर्देश बिल्कुल साफ है कि कार्रवाई अवैध बूचड़खानों के खिलाफ की जाए।

यूपी में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद से समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कोई बयान नहीं दिया था। लेकिन आज उनकी ओर से बड़ा बयान आया है। उन्होंने अखिलेश के खिलाफ बयान दिया है। उनके बयान में एक पिता का दर्द झलकता हुआ दिख रहा है।

उन्होंने कहा, जो अपने पिता का नहीं हो सका वो किसी और का कैसे हो सकता है। उन्होंने अखिलेश यादव के लिए कहा, 'मैंने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया। किसी पिता ने अपने रहते हुए बेटे के लिए पद का त्याग नहीं किया है। अखिलेश ने बदले में क्या किया? इतना अपमान मेरा कभी नहीं हुआ।

पांच साल से हो रहे है मेरा अपमान

मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कन्नौज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सही था कि जो बाप का नहीं हुआ वो जनता का कैसे होगा? उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मेरे खिलाफ साजिश की गई है।अखिलेश-रामगोपाल ने ये साजिश की थी। इस दौरान वे मैनपुरी से चुनाव लड़ने का संदेश भी दे गए। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन इंतजार करेंगे। समर्थकों से बात कर करेंगे और उसके बाद कोई फैसला करेंगे।

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शनिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश में बांटे गए 2.8 करोड़ राशन कार्ड वापस लेने का फैसला किया है. इन राशन कार्डों पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई है.
वहीं सरकार की ओर से अब इनकी जगह ऐसे राशन कार्ड बांटे जाएंगे जिनमें स्मार्टकार्ड की तरह बार कोड होगा. गौरतलब है कि अखिलेश सरकार ने जो नए राशन कार्ड जारी किए थे उन्हें करीब तीन करोड़ परिवारों को बांटा जा चुका है. इन पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर लगाई गई थी.
अपग्रेड होंगी ई-पॉस मशीनें
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण प्रणाली को पुख्ता बनाने के लिए ऑटोमेशन सिस्टम (ई-पॉस मशीनों) को अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ कोटे की हर दुकान से सभी कार्डधारकों और उनके परिवार के सदस्यों के आधार भी जुटाए जाएंगे।
2.80 करोड़ कार्ड होंगे वापस
राजधानी में करीब 6 लाख से अधिक कार्ड बंट चुके हैं। प्रदेश में यह आंकड़ा 2.80 करोड़ पहुंच चुका है, जबकि 60 लाख कार्ड बंटने बाकी है।

नई दिल्ली. शिवसेना सांसद संजय राउत के बयान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जवाब दिया . उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति बनने के इच्छुक नहीं हैं. संजय राउत ने मोदी सरकार से यह मांग की थी कि भागवत को अगला राष्ट्रपति बनाया जाए. उन्होंने कहा था कि देश में शीर्षतम पद है. बेदाग छवि वाले किसी व्यक्ति को इस पर आसीन होना चाहिए. 

संजय ने कहा था कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है तो भागवत राष्ट्रपति के पद के लिए अच्छी पसंद होंगे. लेकिन उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला उद्धवजी द्वारा किया जाएगा. शिवसेना नेता ने कहा था कि पिछले दो राष्ट्रपति चुनाव में बालासाहब धारा के विपरीत गए और उन्होंने वह किया जो राष्ट्रहित में था. 


लोकसभा में बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) से जुड़े चार बिल पेश किए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। यह चार बिल- सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी), इन्टीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी), यूनियन टेरिटरीज जीएसटी (यूटीजीएसटी) तथा जीएसटी मुआवजा कानून हैं। बिल पर चर्चा चल रही है। इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में एक समान टैक्स प्रणाली होगी। जेटली ने कहा- “अधिकारों का दुरुपयोग ना हो यह ध्यान रखना होगा।”
वित्त मंत्री ने कहा कि लग्जरी सामानों पर टैक्स में से 28 फीसदी के बाद के हिस्से का इस्तेमाल राज्यों का घाटा पाटने के लिए किया जाएगा। वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि यूपीए सरकार जीएसटी लागू करना चाहती थी। देर होने से देश को 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वीरप्पा मोइली ने केंद्र सरकार पर राज्यसभा को दुर्बल करने का आरोप लगाया और सभी सदस्यों से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा – “ऊपरी सदन राज्यों की परिषद है, फिर भी महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा करने का कोई अधिकार नहीं है। यह संघीय ढांचे पर हमला है। मैं कहता हूं कि राज्यसभा के सभी सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए।” वित्त मंत्री ने कहा कि आम सहमति और सिफारिशों पर आधारित एक प्रक्रिया बनाने के लिए जीएसटी की 12 बैठकें की गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार इन विधेयकों को आम सहमति से पारित कराना चाहती है। परोक्ष कर क्षेत्र की नई वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली को पूरे देश में अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सोमवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने चार विधेयक लोकसभा में पेश किए थे। इन पर संसद की मुहर और राज्य जीएसटी विधेयक को सभी राज्यों की विधानसभाओं में मंजूरी मिलने के बाद पूरे देश में जीएसटी व्यवस्था को लागू करने की विधायी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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