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राजनीति

राजनीति (104)

नई दिल्ली। भाजपा ने 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में एक करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद करीब तीन साल बाद भी सरकार अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है। लेकिन अब अपने इस वादे को पूरा करने के लिए अब मोदी सरकार ने एक नया कदम उठाया है, जिससे वादा तो पूरा होगा ही और लोगों की नौकरियां भी मिलेंगी।

नौकरियां पैदा करने के लिए मोदी सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए कहा है कि जो भी प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजे जाएंगे, उन्हें यह भी बताना होगा कि वह इससे आखिर कितनी नौकरियां पैदा करेंगे। मोदी सरकार ने यह कदम रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया है। इस तरह से मोदी सरकार अपना वादा तो पूरा करेगी ही, आने वाले चुनावों में भी उन्हें इसका खूब फायदा मिलेगा।
वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि जब भी कैबिनेट में कोई प्रस्ताव आता है तो पीएम रोजगार के बारे में जरूर पूछते हैं। वह बोले कि जब भी कोई प्रस्ताव चर्चा के लिए आता है तो प्रधानमंत्री कैबिनेट मीटिंग में पूछते हैं कि रोजगार के कितने मौके बनेंगे?

हर महीने 15 लाख लोगों को चाहिए नौकरी? क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार हर महीने करीब 15 लाख लोगों को नौकरी की जरूरत होती है यानी हर महीने करीब 15 लाख लोग रोजगार के बाजार में आते हैं। वहीं दूसरी ओर कंपनियों में तेजी से बढ़ रहे ऑटोमेशन की वजह से नौकरियां मिलने में दिक्कत आती है।

बेरोजगारी दूर करने का ये है ऐक्शन प्लान

आर्थिक वृद्धि के साथ रोजगार के मौके बनने की रफ्तार बढ़ाने के लिए नीति आयोग ने तीन साल का एक ऐक्शन प्लान पेश किया है, जिसमें विभिन्न सेक्टरों में रोजगार सृजित करने की बात की गई है. सीआईआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2012 से 2016 के बीच भारत में रोजगार के 1.46 करोड़ मौके बने थे. यानी हर साल 36.5 लाख अवसर. कामकाजी उम्र वाले लोगों की संख्या में 8.41 करोड़ का इजाफा हुआ, लेकिन वास्तिक श्रम बल में बढ़ोतरी केवल 2.01 करोड़ रही। कामकाजी उम्र वाली आबादी का 24 प्रतिशत हिस्सा श्रम बल में जुड़ा, जबकि 76 प्रतिशत हिस्सा इससे बाहर रहा.

इकनॉमिक सर्वे 2017 में कहा गया है कि आबादी में युवाओं की अधिक संख्या से ग्रोथ में होने वाली बढ़ोतरी अगले पांच वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएगी क्योंकि तब तक कामकाजी उम्र वाले लोगों की संख्या में ठहराव आ चुका होगा. ऐसे में कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है.

पीएम मोदी ने इससे पहले कहा था- हमारे देश में करीब 65 फीसदी लोग 35 साल से कम की उम्र के हैं। हम देश का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं और हमारे पास एक बहुत ही बड़ा घरेलू बाजार है, जहां पर हम अपने उत्पाद को बेच सकते हैं। किसी भी देश के पास इतने मौके नहीं हैं, जितने हमारे देश के पास हैं।


पटना : चारा घोटाले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले में लालू यादव पर अलग -अलग धाराओं में अलग-अलग मुकदमे चलाये जाएं. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राजद प्रमुख को विशेष सीबीआई कोर्ट से फिर से जमानत लेनी पड़ेगी. जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने सीबीआई को इस मामले में देरी करने व सुप्रीम कोर्ट में अपील बेहद देर से पेश करने पर कड़ी फटकार लगायी. कोर्ट ने सीबीआइ निदेशक को आदेश दिया कि वह इस मामले में देरी करने वालों की जिम्मेदारी तय करें. कोर्ट ने कहा कि यह देरी असहनीय है इससे सीबीआइ के मकसद पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. इस मामले में सीबीआई ने अपने मैनुअल के अनुसार काम नहीं किया जो निंदनीय है। कोर्ट ने झारखंड हाइकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि सीबीआइ पांच महीने में ट्रायल को पूरा करे.


जानिए चारा घोटाला मामले में कब-क्या हुआ

जनवरी, 1996

उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा और ऐसे दस्तावेज जब्त किए जिनसे पता चला कि चारा आपूर्ति के नाम पर अस्तित्वहीन कंपनियों द्वारा धन की हेराफेरी की गई है, जिसके बाद चारा घोटाला सामने आया।

 

11 मार्च, 1996

पटना उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस घोटाले की जांच का आदेश दिया, उच्चतम न्यायालय ने इस आदेश पर मुहर लगाई।

 

27 मार्च, 1996

सीबीआई ने चाईंबासा खजाना मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

 

23 जून, 1997

सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया और लालू प्रसाद यादव को आरोपी बनाया।

 

30 जुलाई, 1997

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण किया. अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा।

 

5 अप्रैल, 2000

विशेष सीबीआई अदालत में आरोप तय किया।

 

5 अक्टूबर, 2001

उच्चतम न्यायालय ने नया राज्य झारखंड बनने के बाद यह मामला वहां स्थानांतरित कर दिया।

 

फरवरी, 2002

रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई शुरू हुई।

13 अगस्त, 2013

उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के न्यायाधीश के स्थानांतरण की लालू प्रसाद की मांग खारिज की।

 

17 सितंबर, 2013

विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

 

30 सितंबर, 2013

बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों- लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्र तथा 45 अन्य को सीबीआई न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने दोषी ठहराया।

 

3 अक्टूबर, 2013

सीबीआई अदालत ने लालू यादव को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी किया है। लालू यादव को रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद किया गया था।

 

बिहार में शराबबंदी के बाद सघन अभियान के दौरान जब्त करीब 9 लाख लीटर से अधिक की शराब चूहे गटक गए. इस तरह की खबर मीडिया में आने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

इस संदर्भ में जब पटना और मगध क्षेत्र के डीआईजी राजेश कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि अब पकड़ी गयी शराब को नष्ट करने का काम भी साथ-साथ किया जाएगा. साथ ही थानों से यह कहा गया है कि शराब चूहे पी गये तो इसकी भी जांच कराएं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 13 महीने के दौरान 9.15 लाख लीटर अल्कोहल, देशी और विदेशी शराब जब्त की गई और पुलिस क्राइम मीटिंग के दौरान यह बात सामने आई कि इसमें से एक बड़ा हिस्सा पुलिस थाने लाने के क्रम में बर्बाद हो गया, जबकि उतनी ही बड़ी मात्रा को चूहे पुलिस मालखाना में हजम कर गए.

इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार के शराबबंदी के फैसले का सबसे ज्यादा फायदा बिहार पुलिस स्टेशन के चूहों को हुआ. बिहार पुलिस के चूहों के लिए चीयर्स. ज्ञात हो कि बिहार में महागठबंधन के मुख्य घटक दल में कांग्रेस भी शामिल है.

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में चल रहा संकट खत्म हो गया है। अरविंद केजरीवाल के घर पीएसी की बैठक में अमानतुल्लाह को पार्टी से सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। कुमार विश्वास को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया गया है ताकि राजस्थान के चुनाव में पार्टी को खड़ा कर सकें।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि कुमार विश्वास को लेकर अमानतुल्लाह ने बयान दिया उसे लेकर पीएसी ने नाराजगी जाहिर की थी, जिस पर पीएसी से उनका इस्तीफा हुआ है।

इससे पूर्व रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पार्टी के कई नेता कुमार विश्वास के घर पहुंचे और कुमार विश्वास को मनाने की पूरी कोशिश की।

कुमार विश्वास ने केजरीवाल के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं.
- विश्वास की पहली शर्त है कि भ्रष्टाचार पर कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए
- दूसरी शर्त है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद हो और उनकी शिकायतें सुनी जाएं
- तीसरी शर्त में विश्वास ने कहा है कि राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर कोई भी समझौता न हो

नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी का टूटना लगभग तय माना जा रहा है. नाराज कुमार विश्‍वास से पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की है लेकिन वे भी उन्हें मनाने में कामयाब नहीं रहे. जानकारी के अनुसार पार्टी में विवाद के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल देर रात पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास से मुलाकात की लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इस बैठक का कोई खास परिणाम नहीं निकला.

मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विश्वास को शांत करने के लिए कल देर रात गाजियाबाद स्थित विश्वास के आवास पर उनसे मुलाकात की थी. इसके बाद तीनों पार्टी नेताओं संजय सिंह और आशुतोष के साथ केजरीवाल के आवास पर गए. बैठक कल देर रात तक चली. इस मामले पर चर्चा करने के लिए आज पीएसी भी बैठक कर सकती है.

विश्वास ने इस बात पर जोर दिया कि ओखला विधायक अमानतुल्ला खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. खान ने विश्वास पर ‘‘आरएसएस-भाजपा' का एजेंट होने और पार्टी में तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया था. आप विधायकों के एक वर्ग ने आज तडके विश्वास के साथ एक अलग बैठक की लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.

खान ने सोमवार को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति से इस्तीफा दे दिया था. विश्वास ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल को चाटुकारों की मंडली घेरे है और खान ‘‘मुखौटा' हैं और उस मंडली के लिए काम कर रहे हैं. विश्वास ने भावुक होते हुए पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी थी.

आज अंतर्राष्ट्रीय लेबर डे है। इसे अंतर्राष्ट्रीय मजदूर और मई दिवस भी कहा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संघों को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए हर साल इस दिन को मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर सभी भारतीय वर्करों को सलाम किया है।
उन्होंने लिखा कि-
"आज, श्रम दिवस पर हम अनगिनत श्रमिकों के दृढ़ संकल्प और परिश्रम को सलाम करते हैं जो भारत की प्रगति में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। श्रमेव जयते.."
ये दिन वर्करों के आठ घंटे के आंदोलन की जीत को बताता है। इसके अलावा पूरी दुनिया में आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वर्करों के त्याग को श्रद्धांजलि देने के लिए भी मनाया जाता है।
श्रम और रोजगार मंत्री बंडारु दत्तात्रेय आज दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय लेबर डे पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। पूरे देश में कई ट्रेड यूनियन संगठन मजदूरों के कल्याण की प्रतिबद्धता के साथ ये दिन मना रहे हैं।
इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में रैलियां, संगोष्ठी, सेमिनार भी आयोजित किए गए हैं।

अयोध्या: उत्तर प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ को मिलने के बाद से अयोध्या के राम मंदिर का मुद्दा अपने चरम पर है। सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या को राममय करने के लिए बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अभी बीते दिनों जहां उन्होंने राम म्यूजियम को हरी झंडी दी थी। वहीं अब उन्होंने वर्षों से बंद पड़ी रामलीला को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि केवल अयोध्या की रामलीला ही नहीं, मथुरा की रासलीला एवं चित्रकूट के भजन संध्या कार्यक्रम को भी पूरे विधि-विधान से संपन्न कराने का आदेश सुनाया है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि अयोध्या में रामलीला का मंचन कई साल से बंद चल रहा था, जिसे फिर से शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने आदेश में अयोध्या में भजन संध्या स्थल के निर्माण के लिए 14.77 करोड़ रुपये रिलीज भी किया है। उन्होंने आदेश दिया है कि इस भजन संध्या स्थल का निर्माण जून 2018 तक पूरा हो जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने का आदेश सुनाया है।

नई दिल्ली: सिविल सर्विस डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अफसरों को संबोधित किया। इस मौके पर कश्मीर को लेकर पीएम ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे फौजी कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते हैं, लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं। लेकिन बाद में हमारे फौजी पत्थर भी खाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 20 साल पहले और आज के हालात में काफी अंतर है। मोदी ने कहा कि अफसरों को शक्ति का एहसास होना चाहिए।

उन्होंने अफसरों से कहा कि हमें जल्द अपनी कार्यशली बदलनी होगी, चुनौती को अवसर में बदलने की जरूरत है । पीएम ने कहा कि वह सोशल मीडिया की ताकत पहचानते हैं, उसके जरिये व्यवस्था का उपचार उपयोगी है। उन्होंने आगे कहा कि अफसरों की उंगलियों पर है शासन व्यवस्था। अच्छा काम जनता तक पहुंचाने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करें, काम के दौरान खुद का प्रचार सही नहीं।

उन्होंने अफसरों से कहा कि वह हर फै सले को राष्ट्रहित के तराजू में तौलें, राष्ट्रहित सिविल सेवा का धर्म है। मोदी ने कहा कि सरकारें आएंगी, जाएंगी, व्यवस्था बरकरार रहेेगी। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा ईमानदार अफसरों के साथ हूं। हमें अपनी कमजोरी स्वीकार करनी होगी हिम्मत से फैसलें लें मैं आपके साथ खड़ा हूं


इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित पनामा पेपर्स मामले पर 5 सदस्यीय बेंच ने 3-2 से फैसला सुनाया. इस मामले में पाक सुप्रीमकोर्ट ने सकारात्मक रूप से प्रतिक्रिया दी है जिससे लगता है नवाज शरीफ फिलहाल बच गए हैं.अपने फैसले में कोर्ट ने संयुक्त जांच टीम बनाने को कहा है. गौर करने वाली बात है कि 2 जज नवाज को अयोग्य ठहराने के पक्ष में थे.

संयुक्त जांच टीम पैसा कतर भेजे जाने की जांच करेगी. कोर्ट ने कहा कि नवाज और उनके दोनों बेटों को जांच टीम के सामने पेश होना होगा. आपको बता दें कि यह फैसला कहीं न कहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भविष्य पर भी असर डालेगा. क्योंकि पाकिस्तान के कई राजनैतिक दलों (तहरीक-ए-इंसाफ, जमात-ए-इस्लामी, आवामी मुस्लिम लीग व अन्य दलों) ने नवाज शरीफ के खिलाफ याचिका दायर की थी. गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में पनामा पेपर्स मामले ने पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल ला दिया था.

पहले से ही उम्मीद की जा रही थी कि कोर्ट इस मामले में काफी विस्तृत फैसला जारी करेगा. बता दें कि पनामा पेपर्स से जानकारी मिली थी कि पाक प्रधानमंत्री के बच्चों के स्वामित्व वाली कुछ कंपनियां हैं जो बाहरी मुल्कों में कारोबार कर रही हैं, जिनका लेनदेन लाखों डॉलर में है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सर्वोच्च न्यायालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि फैसले को 3-2 से विभाजित किया गया. "उन्होंने कहा है कि प्रधान मंत्री ने पहले ही अपने पत्र में कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए."

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