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जेटली ने कहा एक जुलाई से ही लागू होगा जीएसटी

नई दिल्ली. दिग्गज उद्योग संगठन एसोचैम की गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (GST) को जुलाई से लागू नहीं करने की मांग के एक दिन बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि जीएसटी अपने तय समय 1 जुलाई से ही लागू होगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि हमारे पास जीएसटी को टालने का समय नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद ने फैसला किया है कि यह 1 जुलाई से ही लागू होगा.

जेटली ने कहा कि जीएसटी को 30 जून और 1 जुलाई की मध्य रात्रि को दिल्ली में एक समारोह में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा. जीएसटी परिषद ने सरकारी लॉटरी पर 12 प्रतिशत कर निर्धारित किया है जबकि सरकार अधिकृत निजी लॉटरी पर 18 प्रतिशत कर लगेगा. परिषद ने मुनाफाखोरी निरोधक, ई-वे विधेयक विधेयक नियमावली को भी मंजूरी दी. उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक 30 जून को होगी.

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कर्जमाफी की बढ़ रही मांग, जेटली ने राज्य से खुद धन का इंतजाम करने को कहा

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किसानों द्वारा कर्जमाफी की बढ़ रही मांगों पर सोमवार को कहा कि इसके लिए राज्यों को अपने संसाधनों से कोष का इंतजाम करना होगा। वित्त मंत्री ने ऐसा कहकर एक तरह से इस संदर्भ में केंद्र द्वारा किसी भी तरह की मदद को खारिज कर दिया है।

यह पूछे जाने पर कि किसानों की कर्जमाफी के लिए क्या केंद्र सरकार राज्यों की मदद करेगी, जेटली ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं। जो राज्य इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें अपने संसाधनों से इसके लिए धन की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार की तरफ से मुझे कुछ नहीं कहना है।"

वित्त मंत्री ने फंसे हुए कर्ज (बैड लोन) की बड़ी समस्या पर सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के प्रमुखों के साथ सुबह चर्चा करने के बाद यह बात कही।

किसानों की कर्जमाफी तथा अन्य मांगों को लेकर 10 दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर महाराष्ट्र ने रविवार को लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की। इसी तरह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि ऋणों की माफी की मांग पर गौर करने का वादा किया है।

इस साल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उत्तर प्रदेश में भारी जीत दर्ज करने के फौरन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने किसानों के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज को माफ कर दिया।

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लोकसभा में चर्चा के लिए जीएसटी बिल पेश, वित्त मंत्री जेटली ने कहा- देश में होगी एक टैक्स प्रणाली


लोकसभा में बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) से जुड़े चार बिल पेश किए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। यह चार बिल- सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी), इन्टीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी), यूनियन टेरिटरीज जीएसटी (यूटीजीएसटी) तथा जीएसटी मुआवजा कानून हैं। बिल पर चर्चा चल रही है। इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में एक समान टैक्स प्रणाली होगी। जेटली ने कहा- “अधिकारों का दुरुपयोग ना हो यह ध्यान रखना होगा।”
वित्त मंत्री ने कहा कि लग्जरी सामानों पर टैक्स में से 28 फीसदी के बाद के हिस्से का इस्तेमाल राज्यों का घाटा पाटने के लिए किया जाएगा। वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि यूपीए सरकार जीएसटी लागू करना चाहती थी। देर होने से देश को 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वीरप्पा मोइली ने केंद्र सरकार पर राज्यसभा को दुर्बल करने का आरोप लगाया और सभी सदस्यों से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा – “ऊपरी सदन राज्यों की परिषद है, फिर भी महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा करने का कोई अधिकार नहीं है। यह संघीय ढांचे पर हमला है। मैं कहता हूं कि राज्यसभा के सभी सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए।” वित्त मंत्री ने कहा कि आम सहमति और सिफारिशों पर आधारित एक प्रक्रिया बनाने के लिए जीएसटी की 12 बैठकें की गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार इन विधेयकों को आम सहमति से पारित कराना चाहती है। परोक्ष कर क्षेत्र की नई वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली को पूरे देश में अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सोमवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने चार विधेयक लोकसभा में पेश किए थे। इन पर संसद की मुहर और राज्य जीएसटी विधेयक को सभी राज्यों की विधानसभाओं में मंजूरी मिलने के बाद पूरे देश में जीएसटी व्यवस्था को लागू करने की विधायी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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